2018 दीवाली पर्व का महत्व व दीपपूजन/दीपदान का शुभ मुहूर्त

0
489
2018 Diwali

2018 दीवाली पर्व का महत्व व दीपपूजन/दीपदान का शुभ मुहूर्त

पौराणिक कथाओं के अनुसार दिवाली हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला बड़ा त्योहार है। कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन दीपावली यानी दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह 7 नवंबर 2018 को मनाई जाएगी। मान्यता है कि भगवान राम चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने घर में घी के दिए जलाए थे और अमावस्या की काली रात भी रोशन हो गई थी। इसलिए दिवाली को प्रकाशोत्सव भी कहा जाता है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। दीपदान, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भैया दूज आदि त्यौहार दिवाली के साथ-साथ ही मनाए जाते हैं।

Image result for diwali 2018शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त: शाम 17:57 से 19:53 तक।

प्रदोष काल: शाम 17:27 बजे से 20:06 बजे तक।

वृषभ काल: 17:57 बजे से 19:53 बजे से तक।

Image result for diwali 2018

दिवाली पूजा विधि

दिवाली पूजन में सबसे पहले श्री गणेश जी का ध्यान करें। इसके बाद गणपति को स्नान कराएं और नए वस्त्र और फूल अर्पित करें।

इसके बाद देवी लक्ष्मी का पूजन शुरू करें। मां लक्ष्मी की प्रतिमा को पूजा स्थान पर रखें। मूर्ति में मां लक्ष्मी का आवाहन करें। हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना करें कि वे आपके घर आएं।

अब लक्ष्मी जी को स्नान कराएं। स्नान पहले जल फिर पंचामृत और फिर वापिस जल से स्नान कराएं। उन्हें वस्त्र अर्पित करें। वस्त्रों के बाद आभूषण और माला पहनाएं।

इत्र अर्पित कर कुमकुम का तिलक लगाएं। अब धूप व दीप जलाएं और माता के पैरों में गुलाब के फूल अर्पित करें। इसके बाद बेल पत्थर और उसके पत्ते भी उनके पैरों के पास रखें। 11 या 21 चावल अर्पित कर आरती करें। आरती के बाद परिक्रमा करें। अब उन्हें भोग लगाएं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here